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शिशà¥à¤“ं में खांसी
In this article
शिशà¥à¤“ं में खांसी किस कारण से होती है?
खांसी के अलग-अलग पà¥à¤°à¤•ार कौन से हैं?
खांसी मेरे शिशॠको किस तरह पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करेगी?
शिशॠको खांसी से राहत देने के लिठमैं कà¥à¤¯à¤¾ कर सकती हूं?
शिशॠको खांसी होने पर डॉकà¥à¤Ÿà¤° से कब बात करनी चाहिà¤?
इमà¥à¤¯à¥à¤¨à¤¿à¤Ÿà¥€ बढ़ाने वाले बेहतरीन à¤à¥‹à¤œà¤¨
सेहतमंद फल और सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚जानें कौन से à¤à¥‹à¤œà¤¨ शिशॠइमà¥à¤¯à¥à¤¨à¤¿à¤Ÿà¥€ बढ़ाने में मददगार हैं!
शिशॠको खांसते हà¥à¤ देखना आपको काफी परेशान व चिंतित कर सकता है। मगर यदि शिशॠअचà¥à¤›à¥‡ से खा-पी रहा है और सामानà¥à¤¯ तरीके से सांस ले रहा है तो आमतौर पर चिंता की कोई बात नहीं होती। हालांकि, कà¥à¤› तरह की खांसी नà¥à¤•सानदेह हो सकती हैं, इसलिठयह जानना जरà¥à¤°à¥€ है कि खांसी होने पर शिशॠको डॉकà¥à¤Ÿà¤° को कब दिखाà¤à¤‚।
शिशà¥à¤“ं में खांसी किस कारण से होती है?
खांसना à¤à¤• सà¥à¤µà¤¾à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤• कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ है जो कि बचà¥à¤šà¥‡ के वायà¥à¤®à¤¾à¤°à¥à¤— को अवरà¥à¤¦à¥à¤§ होने से बचाती है। खांसी इसलिठहोती है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि:
गले और छाती में से शà¥à¤²à¥‡à¤® (मà¥à¤¯à¥‚कस), धूल या धà¥à¤†à¤‚ जैसे तकलीफ पैदा करने वाले ततà¥à¤µà¥‹à¤‚ को बाहर निकाल सके
वायà¥à¤®à¤¾à¤°à¥à¤— या फेफड़ों किसी इनफेकà¥à¤¶à¤¨ की वजह से असहजता होने पर।
खांसी के अलग-अलग पà¥à¤°à¤•ार कौन से हैं?
खांसी सूखी (जिसमें बलगम न आà¤) या गीली (जिसमें बलगम आà¤) हो सकती है। ये आमतौर पर किसी इनफेकà¥à¤¶à¤¨ की वजह से होती है, मगर कई बार इसके गैर-संकà¥à¤°à¤¾à¤®à¤• कारण à¤à¥€ हो सकते हैं जैसे कि असà¥à¤¥à¤®à¤¾ (दमा) आदि। यदि खांसी किसी à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ या असà¥à¤¥à¤®à¤¾ की वजह से है, तो शिशॠको बà¥à¤–ार नहीं होगा।
शिशà¥à¤“ं और छोटे बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को इनफेकà¥à¤¶à¤¨ की वजह से होने वाली कà¥à¤› आम तरह की खांसियों के बारे में नीचे बताया गया है:
सरà¥à¤¦à¥€-जà¥à¤•ाम या फà¥à¤²à¥‚ का वायरस
अधिकांश खांसी किसी विषाणॠ(वायरस) की वजह से होती है, जैसे कि सरà¥à¤¦à¥€-जà¥à¤•ाम या फà¥à¤²à¥‚ पैदा करने वाले बहà¥à¤¤ से विषाणà¥à¤“ं में से à¤à¤• की वजह से खांसी à¤à¥€ होती है। आपके ननà¥à¤¹à¥‡à¤‚ शिशॠको जनà¥à¤® के पहले साल में सात से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बार सरà¥à¤¦à¥€-जà¥à¤•ाम हो सकती है, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि उसकी रोग पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¥‹à¤§à¤• कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ (इमà¥à¤¯à¥à¤¨à¤¿à¤Ÿà¥€) अà¤à¥€ आम विषाणà¥à¤“ं का सामना करना सीख रही है।
यदि सरà¥à¤¦à¥€ या फà¥à¤²à¥‚ के वायरस की वजह से आपके शिशॠको खांसी है, तो शायद उसकी नाक à¤à¥€ बंद होगी या बह रही होगी। उसे गले में दरà¥à¤¦, आंखों में पानी और बà¥à¤–ार à¤à¥€ हो सकता है।
फà¥à¤²à¥‚ की वजह से कई बार दसà¥à¤¤ (डायरिया) या उलà¥à¤Ÿà¥€ à¤à¥€ हो सकती है।
रेसà¥à¤ªà¤¿à¤°à¥‡à¤Ÿà¤°à¥€ सिंसीशियल वायरस (आरà¤à¤¸à¤µà¥€) à¤à¤• आम वायरस है जिसकी वजह से शिशà¥à¤“ं और छोटे बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में छाती के संकà¥à¤°à¤®à¤£ होते हैं। अधिकांश मामलों में यह सरà¥à¤¦à¥€-जà¥à¤•ाम के वायरस की तरह ही होता है, मगर यह बà¥à¤°à¥‹à¤‚काइटिस या निमोनिया जैसी सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ जटिलताओं का कारण बन सकता है।
यदि कोविड महामारी के दौरान आपके शिशॠको फà¥à¤²à¥‚ जैसे लकà¥à¤·à¤£ हों और खांसी हो तो आपका चिंतित होना सà¥à¤µà¤¾à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤• है कि कहीं शिशॠको कोविड-19 इनफेकà¥à¤¶à¤¨ न हो। आप शिशॠके डॉकà¥à¤Ÿà¤° से संपरà¥à¤• करें और उनकी सलाह का पालन करें। शिशà¥à¤“ं और छोटे बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में कोविड-19 के बारे में हमारा यह लेख पढ़ें।
निमोनिया या बà¥à¤°à¥‹à¤‚काइटिस
निमोनिया फेफड़ों का इनफेकà¥à¤¶à¤¨ है। बà¥à¤°à¥‹à¤‚काइटिस तब होता है जब बà¥à¤°à¥‹à¤‚काई (फेफड़ों तक हवा ले जाने वाली नलिकाà¤à¤‚) में संकà¥à¤°à¤®à¤£ हो जाà¤à¥¤ निमोनिया और बà¥à¤°à¥‹à¤‚काइटिस अकà¥à¤¸à¤° सरà¥à¤¦à¥€-जà¥à¤•ाम या फà¥à¤²à¥‚ इनफेकà¥à¤¶à¤¨ के बाद होता है। इनमें लगातार कई हफà¥à¤¤à¥‹à¤‚ तक खांसी बनी रहती है। इनके अनà¥à¤¯ लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ में शामिल हैं बà¥à¤–ार, बदन दरà¥à¤¦ और कंपकंपी।
यदि आपके बचà¥à¤šà¥‡ को निमोनिया या बà¥à¤°à¥‹à¤‚काइटिस के लकà¥à¤·à¤£ हों तो डॉकà¥à¤Ÿà¤° से बात करें। इनफेकà¥à¤¶à¤¨ और खांसी दूर करने के लिठहो सकता है बचà¥à¤šà¥‡ को à¤à¤‚टिबायोटिक दवाओं की जरà¥à¤°à¤¤ हो।
कà¥à¤°à¥‚प
कà¥à¤°à¥‚प खांसी मे à¤à¥Œà¤‚कने जैसी आवाज निकलती है। यह अकà¥à¤¸à¤° रात में शà¥à¤°à¥ होती है। कà¥à¤°à¥‚प आमतौर पर सà¥à¤µà¤°à¤¤à¤‚तà¥à¤°à¥€ (वोकल कॉरà¥à¤¡à¥à¤¸-लेरिंकà¥à¤¸), शà¥à¤µà¤¾à¤¸à¤¨à¤²à¥€ (टà¥à¤°à¥‡à¤•िया) और बà¥à¤°à¥‹à¤‚काइल नलिकाओं (बà¥à¤°à¥‹à¤‚काई) में इनफेकà¥à¤¶à¤¨ की वजह से सूजन होने पर होती है। सूजी हà¥à¤ˆ सà¥à¤µà¤°à¤¤à¤‚तà¥à¤°à¥€ की वजह से खांसने पर अजीब सी आवाज आती है।
यह खांसी सà¥à¤¨à¤¨à¥‡ में जितनी à¤à¤¯à¤¾à¤µà¤¹ लगती है, अधिकांश मामलों में इतनी गंà¤à¥€à¤° नहीं होती और इसका उपचार घर पर किया जा सकता है। यदि आपके शिशॠकी कà¥à¤°à¥‚प खांसी में सà¥à¤§à¤¾à¤° न हो रहा हो, तो डॉकà¥à¤Ÿà¤° से बात करें। वे शायद जांच के लिठबचà¥à¤šà¥‡ को असà¥à¤ªà¤¤à¤¾à¤² या कà¥à¤²à¤¿à¤¨à¤¿à¤• लाने के लिठकह सकती हैं।
काली खांसी (वà¥à¤¹à¥‚पिंग कॉफ)
काली खांसी/कà¥à¤•à¥à¤•à¥à¤° खांसी (परà¥à¤Ÿà¥à¤¸à¤¿à¤¸) शà¥à¤µà¤¾à¤¸à¤¨à¤²à¤¿à¤•ा और वायà¥à¤®à¤¾à¤°à¥à¤— में होने वाला जीवाणà¥à¤µà¤¿à¤• (बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤²) इनफेकà¥à¤¶à¤¨ है। यह बहà¥à¤¤ ही संकà¥à¤°à¤¾à¤®à¤• है, मगर डीटीपी का टीका लगवाकर बचà¥à¤šà¥‡ को इस इनफेकà¥à¤¶à¤¨ से सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ किया जा सकता है। इसलिठबचà¥à¤šà¥‡ को सà¤à¥€ टीके और बूसà¥à¤Ÿà¤° खà¥à¤°à¤¾à¤•ें दिलवाना बहà¥à¤¤ ही जरà¥à¤°à¥€ है।
काली खांसी होने पर बचà¥à¤šà¤¾ आमतौर पर 20 से 30 सैकंड तक लगातार खांसता है, और फिर सांस लेने की कोशिश करता है और इसके बाद फिर से खांसी का दौरा शà¥à¤°à¥ हो जाता है। बचà¥à¤šà¥‡ को सरà¥à¤¦à¥€-जà¥à¤•ाम के लकà¥à¤·à¤£ जैसे कि बहती नाक और छींके à¤à¥€ हो सकती हैं।
यदि आपको लगे कि आपके बचà¥à¤šà¥‡ को काली खांसी है, तो तà¥à¤°à¤‚त डॉकà¥à¤Ÿà¤° से बात करें। काली खांसी गंà¤à¥€à¤° हो सकती है, विशेषतौर पर à¤à¤• साल से कम उमà¥à¤° के शिशà¥à¤“ं के लिà¤à¥¤ यदि आपके बचà¥à¤šà¥‡ को कांली खांसी है, तो डॉकà¥à¤Ÿà¤° शायद उसे à¤à¤‚टिबायोटिक दवाà¤à¤‚ देंगे। कà¥à¤› शिशà¥à¤“ं को असà¥à¤ªà¤¤à¤¾à¤² में à¤à¤°à¥à¤¤à¥€ होने की जरà¥à¤°à¤¤ à¤à¥€ पड़ सकती है।
तपेदिक (टà¥à¤¯à¥‚बरकà¥à¤¯à¥‚लोसिस, टीबी)
दो हफà¥à¤¤à¥‡ से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ रहने वाली खांसी तपेदिक (टीबी) का लकà¥à¤·à¤£ हो सकती है। अगर शिशॠको टीबी हो तो उसका परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ वजन à¤à¥€ नहीं बढ़ रहा हो या संà¤à¤µ है कि उसका वजन कम हो रहा हो। बीसीजी का टीका शिशॠको टीबी से बचाता है। इसलिठयदि आपके शिशॠको सà¤à¥€ टीके समय पर लगवाठगठहैं, तो शायद शिशॠको यह इनफेकà¥à¤¶à¤¨ न हो। यदि शिशॠको टीबी हो जाà¤, तो उसे à¤à¤‚टिबायोटिक दवाà¤à¤‚ देनी होंगी।
खांसी मेरे शिशॠको किस तरह पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करेगी?
अपने ननà¥à¤¹à¥‡à¤‚ शिशॠको खांसते हà¥à¤ देखना काफी मà¥à¤¶à¥à¤•िल हो सकता है और खांसी आपको चिंतित à¤à¥€ कर सकती है, विशेषकर यदि ​यह शिशॠकी पहली खांसी हो तो। हालांकि, केवल खांसी से शिशॠके फेफड़ों को नà¥à¤•सान नहीं पहà¥à¤‚चता।
आपको शायद पाà¤à¤‚गी कि आपका शिशॠअनà¥à¤¯ दिनों की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ सोना चाहता है और उसे आपके पà¥à¤¯à¤¾à¤°-दà¥à¤²à¤¾à¤° की जरà¥à¤°à¤¤ होगी ताकि वह बेहतर महसूस कर सके।
कई बार शिशॠइतनी जोर से खांसते हैं कि उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ उलà¥à¤Ÿà¥€ हो जाती है। हालांकि, यह आपके और आपके शिशॠके लिठकाफी मà¥à¤¶à¥à¤•िल हो सकता है, मगर इसमें चिंता की कोई बात नहीं है। बेहतर है इस बारे में आप डॉकà¥à¤Ÿà¤° से बात करें।
शिशॠको खांसी से राहत देने के लिठमैं कà¥à¤¯à¤¾ कर सकती हूं?
अधिकांश खांसी घर पर थोड़ी देखà¤à¤¾à¤² से अपने आप ठीक हो जाती हैं। शिशॠकी खांसी खà¥à¤¦ ही ठीक हो जाà¤à¤—ी, मगर, शिशॠको आराम पहà¥à¤‚चाने के लिठआप नीचे दिठगठउपाय आजमा सकती हैं:
उसे खूब आराम करने दें। इनफेकà¥à¤¶à¤¨ से लड़ने या खांसी के दौरे हाने की वजह से शिशॠको काफी थकान हो सकती है। शिशॠको जितनी बार à¤à¥€ वह चाहे, आराम करने दें।
शिशॠको जलनियोजित रखें। सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ करें कि शिशॠको परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ मातà¥à¤°à¤¾ में तरल पदारà¥à¤¥ मिलें। उसे अतिरिकà¥à¤¤ बार सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ कराà¤à¤‚। यदि वह फॉरà¥à¤®à¥‚ला दूध पीता है, तो उसे अतिरिकà¥à¤¤ बार पानी à¤à¥€ पिलाà¤à¤‚। यदि शिशॠकी उमà¥à¤° छह महीने से कम है, तो पानी को अचà¥à¤›à¥€ तरह उबालकर और ठंडा होने के बाद ही शिशॠको दें। यदि उसके गले में दरà¥à¤¦ हो, तो इससे आराम मिलेगा।
उसका सिर ऊंचा उठा दें। यदि आपका बचà¥à¤šà¤¾ à¤à¤• साल से बड़ा है, तो आप सोते समय आप उसका सिर थोड़ा ऊंचा उठा सकती हैं, ताकि उसे खांसी में आराम मिले। सिर उठाने के लिठतकियों का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² न करें, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इससे सडन इनà¥à¤«à¥‡à¤‚ट डेथ सिंडà¥à¤°à¥‹à¤® (à¤à¤¸à¤†à¤ˆà¤¡à¥€à¤à¤¸) का खतरा होता है। à¤à¤• साल से कम उमà¥à¤° के बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के लिठà¤à¤¸à¤¾ करना सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ नहीं है, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इससे à¤à¤¸à¤†à¤ˆà¤¡à¥€à¤à¤¸ का खतरा बढ़ सकता है।
कूल-मिसà¥à¤Ÿ हà¥à¤¯à¥‚मिडिफायर का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करें या ​बचà¥à¤šà¥‡ को à¤à¤¾à¤ªà¤¯à¥à¤•à¥à¤¤ बाथरूम में ले जाà¤à¤‚। नम वातावरण में सांस लेने से वायà¥à¤®à¤¾à¤°à¥à¤— की सूजन कम होने में मदद मिल सकती है, हालांकि, यह बात वैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤• रूप से सिदà¥à¤§ नहीं है। बाथरूम में à¤à¤¾à¤ª बनाने के लिठगरà¥à¤® पानी का शावर चला लें और शिशॠको अंदर लेकर बैठजाà¤à¤‚। दरवाजे को बंद कर लें और तौलिये से दरवाजे के नीचे की जगह à¤à¥€ सील कर दें। करीब 15 मिनट तक अंदर रहें। आप अपने साथ कà¥à¤› किताबें या खिलौने ले जा सकती हैं, ताकि अंदर बैठकर आप उसको कहानी सà¥à¤¨à¤¾ सकें या खेल सकें। बाहर आने के बाद उसके नम कपड़े उतारकर, सूखे कपड़े पहना दें।
à¤à¤• साल से अधिक उमà¥à¤° के बचà¥à¤šà¥‡ को शहद दें। शहद à¤à¤• साल से कम उमà¥à¤° के शिशà¥à¤“ं के लिठसà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ नहीं है, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इससे शिशà¥à¤“ं में बोटà¥à¤²à¤¿à¤œà¥à¤® नामक दà¥à¤°à¥à¤²à¤ पà¥à¤°à¤•ार की à¤à¥‹à¤œà¤¨ विषाकà¥à¤¤à¤¤à¤¾ हो सकती है। मगर बड़े शिशà¥à¤“ं के लिठशहद गले की खराश से राहत असरदार हो सकता है। अगर, आपके बचà¥à¤šà¥‡ की उमà¥à¤° à¤à¤• और पांच साल के बीच है, तो उसे रोजाना आधी छोटी चमà¥à¤®à¤š शहद दें। यदि आपका बचà¥à¤šà¤¾ छह से 11 साल की उमà¥à¤° का है, तो उसे पूरी à¤à¤• छोटी चमà¥à¤®à¤š शहद दें।
बà¥à¤–ार का उपचार करें। शिशॠके डॉकà¥à¤Ÿà¤° से सलाह के बाद उसे पैरासिटामोल ससà¥à¤ªà¥‡à¤‚शन की उचित खà¥à¤°à¤¾à¤• दें। इससे बà¥à¤–ार तो कम होगा ही मगर बà¥à¤–ार के साथ होने वाले बदन दरà¥à¤¦ से à¤à¥€ राहत मिलेगी। हालांकि, यदि शिशॠतीन महीने या इससे बड़ा है, तà¤à¥€ à¤à¤¸à¤¾ करें।​ शिशॠको कोई à¤à¥€ दवा देने से पहले डॉकà¥à¤Ÿà¤° की सलाह अवशà¥à¤¯ लें।
शिशॠको बिना डॉकà¥à¤Ÿà¤°à¥€ परà¥à¤šà¥€ के मिलने वाली खांसी और सरà¥à¤¦à¥€-जà¥à¤•ाम की दवाà¤à¤‚ न दें, इनमें खांसी की सिरप और डिकंजेसà¥à¤Ÿà¥‡à¤‚ट à¤à¥€ ​शामिल हैं। ये बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के लिठउचित नहीं हैं कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इनसे साइड इफेकà¥à¤Ÿ होने का खतरा रहता है और इतने पà¥à¤°à¤®à¤¾à¤£ à¤à¥€ नहीं है कि ये लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ को बेहतर करते हैं।
शिशॠको खांसी होने पर डॉकà¥à¤Ÿà¤° से कब बात करनी चाहिà¤?
यदि ​खांसी की वजह से शिशॠको सांस लेने में तकलीफ हो रही हो, तो उसे तà¥à¤°à¤‚त नजदीकी असà¥à¤ªà¤¤à¤¾à¤² के आपातकाल विà¤à¤¾à¤— में ले जाà¤à¤‚।
निमà¥à¤¨à¤¾à¤‚कित ​सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में शिशॠको डॉकà¥à¤Ÿà¤° के पास ले जाà¤à¤‚:
शिशॠकी उमà¥à¤° तीन महीने से कम है और उसे 100.4 डिगà¥à¤°à¥€ फेहरनहाइट या इससे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बà¥à¤–ार है या फिर शिशॠकी उमà¥à¤° तीन से छह महीने के बीच है और उसे 102.2 डिगà¥à¤°à¥€ फेहरनहाइट या इससे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बà¥à¤–ार है।
उसे निगलने में मà¥à¤¶à¥à¤•िल हो रही है - आप शायद पाà¤à¤‚ कि वह जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ लार टपका रहा है या उसे खाने-पीने में परेशानी हो रही है।
उसे चकतà¥à¤¤à¥‡, छाती में दरà¥à¤¦, सिरदरà¥à¤¦, गले में दरà¥à¤¦, कान में दरà¥à¤¦ या सूजी हà¥à¤ˆ गà¥à¤°à¤‚थियों जैसे कà¥à¤› लकà¥à¤·à¤£ हों।
उसकी खांसी 10 दिनों से à¤à¥€ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ चल रही है और उसे कà¥à¤› अनà¥à¤¯ लकà¥à¤·à¤£ à¤à¥€ हैं जैसे कि हरा, à¤à¥‚रा या पीला शà¥à¤²à¥‡à¤® आना।
तीन से चार हफà¥à¤¤à¥‹à¤‚ तक उसकी खांसी ठीक नहीं हो रही है, विशेषतौर पर रात में यह और जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बढ़ रही हो।
वायरस का सामना करते हà¥à¤ शिशॠको जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ नींद आना सामानà¥à¤¯ बात है। मगर यदि वह हर समय उनींदा सा लगे तो बेहतर है कि डॉकà¥à¤Ÿà¤° से बात की जाà¤à¥¤
सामानà¥à¤¯à¤¤: यदि आपको शिशॠकी सेहत के बारे में कोई à¤à¥€ चिंता हो, तो अचà¥à¤›à¤¾ है कि इस बारे में डॉकà¥à¤Ÿà¤° से सलाह ले ली जाà¤à¥¤
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